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My Son Never Returned
2016-11-24 02:52:44
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Re: Demonetization
2016-11-17 02:56:12
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nourdin, More Power To You!
2016-11-14 00:05:43
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सड़क या बुलेट ट्रेन?
2016-07-27 02:06:33
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बिन सोना ब्याह?
2016-03-11 01:44:46
To: nourdin.moulhi@add3000.pp.ua
From: mail@change.org (sender info)
Subject:

बिन सोना ब्याह?


Received: 2016-03-11 01:44:46
(44 sec.) Created: 2016-03-11 01:44:02 (?)

नमस्कार nourdin, 

अाप सभी के घरों में शादी-ब्याह व अन्य मांगलिक कार्य होते हैं। इनमें स्वर्ण अाभूषणों की भी जरूरत पड़ती ही है। मगर ज्वेलर्स की दुकानें ही बंद हो जाएं तो क्या होगा ? 

केन्द्र सरकार ने ऐसा ही फैसला किया है। ज्वेलर्स-स्वर्णकारों पर बजट में 1 % एक्साइज ड्यूटी लगा कर। विरोध में ज्वेलर्स हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी दुकानें नहीं खुल रहीं। 

मैं खुद एक ज्वेलर हूं। मुझे यह एक्साइज ड्यूटी वापस करवाने में अापका साथ चाहिए। 

ताकि हमारा कारोबार भी चलता रहे अौर अापके घरों में मांगलिक कार्यों पर भी असर न पड़े। 

मेरे उठाए मुद्दे पर हस्ताक्षर करें अौर साथ ही इसे facebook पर share भी करें। 

धन्यवाद

पवन वर्मा

श्री अरुण जेटली (वित् मंत्री): ज्वैलर्स पर लगाई गयी एक्साइज ड्यूटी वापस लो

Pawan verma
भारत
केन्द्र सरकार ने इस साल के अाम बजट में सभी ज्वेलर्स व स्वर्णकार पर 1% एक्साइज ड्यूटी लगा दी है। यह ज्वेलर्स को परेशान करने का एक जरिया है। यह इंस्पेक्टर राज लाने की कोशिश है। वित्त मंत्री अरूण जेटली की कोशिश कामयाब रही तो इस कारोबार से पल रहे करीब दस करोड़ लोगों के सामने रोजी-रोटी का स्थायी संकट खड़ा हो जाएगा। स्वर्ण अाभूषण इस देश की परंपरा से जुड़ा है। शादी-विवाह समेत कोई भी मांगलिक कार्य स्वर्ण अाभूषणों के बगैर नहीं होता। ज्वेलर्स का उत्पीड़न करने की सरकार की यह कोशिश देश की इस परंपरा पर भी अाघात है। साथ ही स्वर्ण अाभूषणों को महंगा करने की कोशिश भी। इसलिए अाप सभी देशवासियों से अपील है कि मेरे उठाए इस मुद्दे पर हस्ताक्षऱ कर अपना समर्थन दें। खास तौर पर इस कारोबार से जुड़े लोग क्योंकि पहले ही सोने के भाव् के उतार चढ़ाव् ने व्यापार का सत्यानाश कर के रखा है अब इस नयी मुसीबत ने। इससे निपटने में आप सभी अवश्य साथ दें क्योंकि यह आप की खुद की लड़ाई है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ ज्वेलर्स व स्वर्णकार की हड़ताल 29 फरवरी 2016 से यानी जब बजट आया तभी से शुरू हो गई है। सभी स्वर्णकार व ज्वेलर्स और इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लिमिटेड मुम्बई व दि बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन कुचा महाजनी दिल्ली ने अपनी हड़ताल कर दी है। हड़ताल तब तक चलेगी जब तक सरकार एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं लेती। सरकार के के इस फैसले से होने वाले असर पर गौर करें : 1. बजट 2016 में वित्त-मंत्री श्री अरुण जेटली जी ने खेरची और होलसेल जेव्लेरी के निर्माण पर 1% एक्साईज ड्यूटी लगाई है जो 1मार्च 2016से लागु हो भी चुकी है। 2. यदि आप निम्न में शामिल है तो आप होलसेलर रिटेलर गलाई -पकाई वाले तार पट्टी वाले डाई काटने वाले मिना कारी वाले पालिश वाले छिलाई वाले या फिर (कारीगर )यानि ज्वेलरी के निर्माता है तो आप इस 1%टैक्स को चुकाने के लिए मजबूर है। 3. हडताल खत्म होते ही एक्साईज विभाग की कार्यवाही शुरू हो जायेगी और दूकान-दूकान पर अधिकारी पहुच कर आप को लाइसेंस बनवाने के लिए मजबूर करेंगे 4. आप सभी को सबसे पहले तो सालभर के काम काज का पक्का हिसाब रखना होगा और कम से कम पिछले 10 सालो का हिसाब रखना होगा । 5. अधिकारी आप से कैसे भी बात करे पर आप को उन का पूरा सहयोग करना पड़ेगा और विनम्रता से बात करनी पड़ेगी क्योंकि वह सेंट्रल गवरमेंट के अधिकारी होंगे (इनकम टैक्स वालों की तरह) 6. उस के बाद यदि आप अभी तक इनकम टैक्स नहीं भरते या कम भरते है तो इनकम टैक्स वाले भी आप का इंतजार कर रहे होंगे। तैयार हो जाइये। 7. आप का एक्साईज का लाइसेंस आप के कारखाने, काम करने वालो की संख्या, गैस की खपत,बिजली की खपत,और उपलब्ध संसाधनों जैसे तारपट्टी की मशीन का पॉवर, सोना गलाने की भट्टी का आकर के आधार पर बनेगा और आप उस आधार पर टैक्स देने के लिए मजबूर होंगे। 8. यदि आप रोज का 10ग्राम सोने का काम भी रोज़ करते है तो आप इस एक्साईज के दायरे में आ चुके हो। 9. आप 10 ग्राम सोने का काम रोज़ करते है तो 10g × 30(दिन) =300g (महीना) × 12(महीने)=3600g ×30,000(सोने का भाव) 10,800,000 (एक करोड़ आठ लाख )का कुल काम किया जिस पर 1% एक्साईज ड्यूटी जो की लगभग 1,80000 (एक लाख आठ हजार) आप को टैक्स के भरना है। इनकमटैक्स अौर सेल टैक्स अलग ही है 10. एक्साईज के अफसरों की इंस्पेक्टरी चालू होगी कभी भी चेकिंग के नाम पर धमकाकर अवैध वसूली शुरू हो जायेगी। जो कहलायेगा इंस्पेकटर राज 11. अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं की एक ही आभूषण का टैक्स कितने लोग भरेंगे क्यों की एक आभूषण कई जगहा जा कर ही कम्प्लीट होता है। और यदि एक ही आदमी ही टैक्स भरेगा तो उस आभूषण का रिकार्ड कितने लोगो को रखना पड़ेगा। 12. आप होलसेलर है या रिटेलर है तो ये मानिये की ये सब पैसा आप की जेब से ही जायेगा। ये सब आप को ही चुकाना है। सीधे-सीधे 2 से 3 वेस्टेज आप को ही ज्यादा चुकानी पड़ेगी 13. अगर आप छोटे दूकानदार है जो अपनी दूकान का माल खुद तैयार करवाते हैं तो सबसे पहले तो कच्चे बिल पर माल बिकना बंद हो जायेगा और अपने कारीगरों से लेकर छिलाई पॉलिस वालो के रिकार्ड भी आप की जिम्मेवारी रहेगी क्योंकि वे आप के लिए कार्य करते है।

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